समांतर चतुर्भुज
हम सभी जानते हैं की समांतर चतुर्भुज एक चौकोर आकृति होती है, जिसकी आमने-सामने वाली भुजाएं बराबर होती हैं। समांतर चतुर्भुज गणित में ज्यामिति की एक महत्वपूर्ण अवधारणा है, जिसे समझना थोड़ा कठिन हो सकता है। इसलिए छात्र जानना चाहते हैं की समांतर चतुर्भुज किसे कहते हैं? और समांतर चतुर्भुज का सूत्र क्या है?
तो आइये आज के इस लेख में हम समांतर चतुर्भुज की परिभाषा, समांतर चतुर्भुज के गुण, समांतर चतुर्भुज के सूत्र, इत्यादि सभी के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी प्राप्त करते हैं।
समांतर चतुर्भुज की परिभाषा
परिभाषा के अनुसार, समांतर चतुर्भुज एक चार भुजाओं वाली आकृति होती है जिसकी सम्मुख भुजाएं एक दूसरे के बराबर और समांतर होती हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो यदि एक चतुर्भुज में दो भुजाएं जोड़े में बराबर और समांतर हो वह चतुर्भुज समांतर चतुर्भुज कहलाएगा।
समांतर चतुर्भुज को उदाहरण के माध्यम से समझे तो मान लीजिए कि आपने एक कागज की सीट ली है और उसे मोड़ दिया। मोड़ने के बाद जो आकृति बनती है वह एक समांतर चतुर्भुज हो सकती है।
समांतर चतुर्भुज का आकार
हम समांतर चतुर्भुज को उसके आकार के माध्यम से आसानी से समझ सकते हैं। तो समांतर चतुर्भुज का आकार एक चपटी बंद आकृति होती है जिसकी चार भुजाएं और कर कोड होते हैं।
जैसा कि हमने बताया इसकी सम्मुख भुजाएं समांतर और लंबाई में बराबर होती हैं लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है कि इसकी विपरीत भुजाएं यानी एक दूसरे के बगल वाली भुजाएं समान लंबाई और समांतर हो।
नीचे दिए गए समांतर चतुर्भुज का चित्र में आप देख सकेंगे की एक आयताकार की तरह चौकोर आकृति है जिसकी भुजाओं को थोड़ा तिरछा कर दिया गया हो और इसके माध्यम से सभी भुज के बीच के कोड भी बदल जाते हैं।
समांतर चतुर्भुज के गुण
अब नीचे बताए गए समांतर चतुर्भुज के गुण के माध्यम से इन चतुर्भुज को आसानी से पहचान सकते हैं।
- आमने-सामने वाली भुजाएँ एक दूसरे के समानांतर होती हैं: जैसे, चित्र में PQ ‖ RT और PR ‖ QT।
- आमने-सामने वाली भुजाएँ बराबर होती हैं: जैसे, चित्र में PQ = RT और PR = QT।
- आमने-सामने वाले कोण बराबर होते हैं: जैसे, चित्र में ∠P = ∠T और ∠Q = ∠R।
- विकर्ण (अलग-अलग कोनों को मिलाने वाली रेखाएँ) एक दूसरे को बीच में काटती हैं और बराबर भागों में बांटती हैं: जैसे, चित्र में RE = EQ और PE = ET।
- एक भुजा के अंदरूनी कोण जोड़कर 180° बनाते हैं: जैसे, चित्र में ∠PRT + ∠RTQ = 180∘, ∠RTQ + ∠TQP = 180∘, ∠TQP + ∠QPR = 180∘, ∠QPR + ∠PRT = 180∘।
- विकर्ण समांतर चतुर्भुज को दो बराबर त्रिकोणों में बांटते हैं: जैसे, चित्र में ΔRPQ त्रिकोण ΔQTR के बराबर है, और ΔRPT त्रिकोण ΔQTP के बराबर है।
समांतर चतुर्भुज के प्रकार
समांतर चतुर्भुज मुख्य रूप से 3 प्रकार के होते हैं।
वर्ग
वर्ग एक ऐसा समांतर चतुर्भुज होता है जिसकी चारों भुजाएं बराबर होती है और सभी को 90 डिग्री के होते हैं।
आयत
यह एक ऐसा समांतर चतुर्भुज होता है, जिसके आमने-सामने वाली भुजाएं बराबर होती है लेकिन सभी कोर्स हमको नहीं होते। केवल आमने-सामने वाले को ही समकोण बनाते हैं। दरवाजे या खिड़कियां आयत का उदाहरण है।
समचतुर्भुज
समचतुर्भुज एक ऐसा चतुर्भुज है जिसकी चारों भुजाएं बराबर होती हैं लेकिन सभी कोर्स समकोण नहीं होते। पतंग समचतुर्भुज का एक बहुत बड़ा उदाहरण है। इसकी सभी चार भुजाएं समान लंबाई की होती है लेकिन इसके कोड सम कोड नहीं होते।
समांतर चतुर्भुज का सूत्र
समांतर चतुर्भुज का उपयोग विभिन्न प्रकार की गणनाओं में किया जाता है, जैसे कि क्षेत्रफल, परिमाप, कोणों का माप, और विकर्णों की लंबाई। यहां कुछ महत्वपूर्ण सूत्र दिए गए हैं:
समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल का सूत्र :
क्षेत्रफल = आधार × ऊंचाई
क्षेत्रफल = (भुजा × लंब)
क्षेत्रफल = (1/2) × विकर्ण 1 × विकर्ण 2 × sin(θ)
उदाहरण:
मान लीजिए एक समांतर चतुर्भुज की आधार (b) 8 सेमी और ऊंचाई (h) 5 सेमी है। तो, समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल (A) होगा:
A = 8 सेमी × 5 सेमी = 40 वर्ग सेमी
समांतर चतुर्भुज का परिमाप का सूत्र :
परिमाप = 2 × (आधार + ऊंचाई)
परिमाप = 4 × भुजा
उदाहरण:
मान लीजिए एक समांतर चतुर्भुज की आधार (b) 8 सेमी और ऊंचाई (h) 5 सेमी है। तो, समांतर चतुर्भुज का परिमाप (P) होगा:
P = 2 (8 सेमी + 5 सेमी) = 26 सेमी
समांतर चतुर्भुज के कोण का सूत्र:
आमने-सामने वाले कोण बराबर होते हैं:
∠A = ∠C
∠B = ∠D
सम्मुख कोणों का योग 180° होता है:
∠A + ∠B = 180°
∠C + ∠D = 180°
उदाहरण:
मान लीजिए एक समांतर चतुर्भुज में ∠A = 70° है। तो, ∠C भी 70° होगा। ∠B और ∠D भी 110° होंगे।
समांतर चतुर्भुज के विकर्ण का सूत्र
समांतर चतुर्भुज के विकर्ण (d) की लंबाई ज्ञात करने के लिए,
d = √(a² + b²)
उदाहरण:
मान लीजिए एक समांतर चतुर्भुज की आधार (a) 8 सेमी और ऊंचाई (b) 5 सेमी है। तो, समांतर चतुर्भुज के विकर्ण (d) की लंबाई होगी:
d = √(8² + 5²) = √89 ≈ 9.43 सेमी
समांतर चतुर्भुज से जुड़े हल सहित सवाल
प्रश्न 1:
एक समांतर चतुर्भुज ABCD में, आधार BC = 12 cm और ऊँचाई AD = 7 cm है। समांतर चतुर्भुज ABCD का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
** हल:**
समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल = आधार × ऊँचाई
क्षेत्रफल = BC × AD = 12 cm × 7 cm = 84 वर्ग सेमी
प्रश्न 2:
एक समांतर चतुर्भुज ABCD में, विकर्ण AC = 16 cm और BD = 12 cm है। समांतर चतुर्भुज ABCD का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
** हल:**
समांतर चतुर्भुज के विकर्ण एक दूसरे को समद्विभाजित करते हैं। इसका मतलब है कि विकर्ण AC को बिंदु O पर समद्विभाजित किया जाता है, जहाँ AO = OC और BO = OD होता है।
क्षेत्रफल = 1/2 * आधार * लंब
आधार AC = 16 cm है, लेकिन हमें लंब (ऊंचाई) की जरूरत है। त्रिभुज AOB को देखें, حيث (jaha) जिसका अर्थ है “जहां”, AO = 1/2 * AC = 8 cm है।
अब, समकोण त्रिभुज AOB में पायथागोरस प्रमेय का उपयोग करें:
AB² = AO² + BO²
AB² = 8² cm + 6² cm (BO = 1/2 * BD = 6 cm)
AB² = 100 cm
AB = √100 cm = 10 cm (वर्गमूल निकालें)
अब क्षेत्रफल ज्ञात करें:
क्षेत्रफल = 1/2 * आधार * लंब
क्षेत्रफल = 1/2 * AC * BO = 1/2 * 16 cm * 6 cm = 48 वर्ग सेमी
प्रश्न 3:
एक समांतर चतुर्भुज ABCD में, ABCD की परिधि = 40 cm है। यदि AD = 8 cm है, तो भुजा AB की लंबाई ज्ञात कीजिए।
** हल:**
समांतर चतुर्भुज की परिधि = 2 (आधार + भुजा)
40 cm = 2 (AD + AB)
40 cm / 2 = AD + AB (दोनों तरफ 2 से भाग दें)
20 cm = 8 cm + AB
AB = 20 cm – 8 cm = 12 cm
प्रश्न 4:
एक समांतर चतुर्भुज की भुजाएँ 5 cm और 7 cm हैं, और उसका एक विकर्ण 8 cm है। समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल:
समांतर चतुर्भुज के विकर्ण एक दूसरे को समद्विभाजित करते हैं। इसका मतलब है कि विकर्ण 8 cm को बिंदु O पर समद्विभाजित किया जाता है, जहाँ AO = OC = 4 cm होता है।
त्रिभुज AOB को देखें, जहां AO = 4 cm और BO = 3 cm (विकर्ण BD का आधा) है।
अब, समकोण त्रिभुज AOB में पायथागोरस प्रमेय का उपयोग करें:
AB² = AO² + BO²
AB² = 4² cm + 3² cm
AB² = 25 cm
AB = √25 cm = 5 cm (वर्गमूल निकालें)
अब क्षेत्रफल ज्ञात करें:
क्षेत्रफल = आधार × ऊंचाई
क्षेत्रफल = AB × BO = 5 cm × 3 cm = 15 वर्ग सेमी
इसलिए, समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल 15 वर्ग सेमी है।
प्रश्न 5:
एक समांतर चतुर्भुज ABCD में, विकर्ण AC = 18 cm और BD = 15 cm है। समांतर चतुर्भुज ABCD का परिमाप ज्ञात कीजिए।
हल:
समांतर चतुर्भुज के विकर्ण एक दूसरे को समद्विभाजित करते हैं। इसका मतलब है कि विकर्ण AC को बिंदु O पर समद्विभाजित किया जाता है, जहाँ AO = OC = 9 cm होता है।
त्रिभुज AOB को देखें, जहां AO = 9 cm और BO = 7.5 cm (विकर्ण BD का आधा) है।
अब, समकोण त्रिभुज AOB में पायथागोरस प्रमेय का उपयोग करें:
AB² = AO² + BO²
AB² = 9² cm + 7.5² cm
AB² = 153.25 cm
AB = √153.25 cm ≈ 12.4 cm (वर्गमूल निकालें)
अब, समांतर चतुर्भुज ABCD का परिमाप ज्ञात करें:
परिमाप = 2(आधार + भुजा)
परिमाप = 2(AB + BC)
परिमाप = 2(12.4 cm + 12.4 cm)
परिमाप = 2(24.8 cm)
परिमाप ≈ 49.6 cm
इसलिए, समांतर चतुर्भुज ABCD का परिमाप लगभग 49.6 cm है।
निष्कर्ष
आज के इस लेख में हमने समांतर चतुर्भुज के बारे में जानकारी प्राप्त की, जिसमे समांतर चतुर्भुज की परिभाषा, आकार, गुण, सूत्र शामिल है। यदि आप समांतर चतुर्भुज से संबन्धित अन्य जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो हमे कमेंट करके पूछें।